विनाश काले विपरीत पूजा-बहराइच का सबसे मुख्य गाजी बाबा

विनाश काले विपरीत पूजा

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सैकड़ों निर्दोष लोगों के हत्यारे कसाब को फांसी हो चुकी है ! मान लो एक खास संप्रदाय के लोग उसे शहीद का दर्जा दे देते है ! और उसकी मजार बना देते है फिर वहाँ रोज माथा टेकना शुरू कर देते है 10-15 साल बाद भीड़ को देखते हुए हिन्दू भी वहाँ माथा टेकने लग जाते है !!

पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक शहर है,बहराइच । बहराइच में हिन्दू समाज का सबसे मुख्य पूजा स्थल है गाजी बाबा की मजार। मूर्ख हिंदू लाखों रूपये हर वर्ष इस पीर पर चढाते है।इतिहास जानकार हर व्यक्ति जानता है,कि महमूद गजनवी के उत्तरी भारत को १७ बार लूटने व बर्बाद करने के कुछ समय बाद उसका भांजा सलार गाजी भारत को दारूल इस्लाम बनाने के उद्देश्य से भारत पर चढ़ आया ।
(कुरान के अनुसार दर-उल -इस्लाम = 100% मुस्लिम जनसँख्या )
वह पंजाब ,सिंध, आज के उत्तर प्रदेश को रोंद्ता हुआ बहराइच तक जा पंहुचा। रास्ते में उसने लाखों हिन्दुओं का कत्लेआम कराया,लाखों हिंदू औरतों के बलात्कार हुए, हजारों मन्दिर तोड़ डाले।
राह में उसे एक भी ऐसा हिन्दू वीर नही मिला जो उसका मान मर्दन कर सके। इस्लाम की जेहाद की आंधी को रोक सके। परंतु बहराइच के राजा सुहेल देव राजभार ने उसको थामने का बीडा उठाया । वे अपनी सेना के साथ सलार गाजी के हत्याकांड को रोकने के लिए जा पहुंचे । महाराजा व हिन्दू वीरों ने सलार गाजी व उसकी दानवी सेना को मूली गाजर की तरह काट डाला । सलार गाजी मारा गया। उसकी भागती सेना के एक एक हत्यारे को काट डाला गया।
हिंदू ह्रदय राजा सुहेल देव राजभार ने अपने धर्म का पालन करते हुए, सलार गाजी को इस्लाम के अनुसार कब्र में दफ़न करा दिया। कुछ समय पश्चात् तुगलक वंश के आने पर फीरोज तुगलक ने सलारगाजी को इस्लाम का सच्चा संत सिपाही घोषित करते हुए उसकी मजार बनवा दी।
आज उसी हिन्दुओं के हत्यारे, हिंदू औरतों के बलातकारी ,मूर्ती भंजन दानव को हिंदू समाज एक देवता की तरह पूजता है। सलार गाजी हिन्दुओं का गाजी बाबा हो गया है। हिंदू वीर शिरोमणि सुहेल देव भुला दिए गएँ है और सलार गाजी हिन्दुओं का भगवन बनकर हिन्दू समाज का पूजनीय हो गया है।
अब गाजी की मजार पूजने वाले ,ऐसे हिन्दुओं को मूर्ख न कहे तो क्या कहें ?
ऐसे ही अजमेर में मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है, जिसकी मदद से ही मोहम्मद गोरी आया था और पहले शरण देने के लिए पृथ्वी राज चौहान की पत्नी और बेटियों को धोखे से बुलवाया और फिर उसे मोहम्मद गोरी के सैनिकों के हवाले कर उनका बलात्कार होने दिया। बाद में उस चिश्ती को पृथ्वी राज चौहान की उन‌ बेटियों ने ही उसकी हत्या कर अपने माता-पिता की हत्या का बदला लिया। हालांकि बाद में उन्हें भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा और कुकर्मी उनकी लाशों से भी अपनी हवस मिटाते रहे।
अतः हर हिन्दू से निवेदन है कि इतिहास से सबक लें और किसी भी दरगाह या मजार पर ना जायें।हमारे हर देवी-देवताओं के हाथों में शस्त्र की परिकल्पना की गई है उसका निहतार्थ समझें। ईश्वर आपके भीतर ही है और आपकी रक्षा करने वाला कोई और नहीं बल्कि आप खुद हैं। अतः कायरता का त्याग करें। शूर-वीर ही धरती पर अपना अस्तित्व बनाए रख सकते हैं। जब जीवन में शेष कुछ ना बचे तो भी बहुत कुछ बचता है, हम अपना जीवन राष्ट्र और धर्म को समर्पित कर सकते हैं। अपने बच्चे भले ही आपकी बात ना माने लेकिन हो सकता है कि किसी को आपके विचार अच्छे लगें। *वीर भोग्या वसुंधरा*।

 

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Author: Sanatan Dharm and Hinduism

My job is to remind people of their roots. There is no black,white any religion in spiritual science. It is ohm tat sat.

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